एक राही__❤️

मैं चलता रहता हूं हवा के झोकों जैसे
 मैं नहीं जानता किस पल मेरी सांसे थम जाएं
मैं ज़िंदगी जीता हूं खुद की मर्ज़ी से
चलते रास्तों में बहुत से अंजान लोग मिल जाते हैं
आखिर मैं ही जाकर तो मिलता हूं सबसे
पता नहीं क्यों इस दुनिया के अदभुत लोगों में
फिर भी मुझे यह बहुत सुंदर, लुभावनी लगती है
हर दिन मुझे एक नया स्पर्श देखने को मिलता है
अकेला हूं फिर भी मुझे काले बादल प्यारे  लगते हैं
राह चलते लम्हों में, मैं अपनी पूरी ज़िन्दगी जी लेता हूं।

_Aafreen ansari

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